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हरिद्वार रोशनाबाद / जनपद का रोशनाबाद क्षेत्र केवल एक सामान्य ग्रामीण क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहाँ से जिले के प्रशासनिक संचालन की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ संचालित होती हैं। प्रशासनिक भवन के आसपास बसे रोशनाबाद, नवोदय नगर, पाल मार्केट और हेत्तमपुर जैसे क्षेत्रों को जिले की प्रशासनिक धुरी माना जाता है। ऐसे में यदि इन क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री और नशे के कारोबार की चर्चाएँ लगातार सामने आ रही हैं, तो यह केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज, जनस्वास्थ्य और शासन की नीतियों पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
‘विक्रम‘ शब्द का अर्थ होता है पराक्रम, वीरता, साहस और विजय प्राप्त करने वाला। लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपनी ऊर्जा और साहस को समाज निर्माण के बजाय अवैध कारोबार में लगाता है, तो वह पराक्रम नहीं बल्कि सामाजिक व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास माना जाता है । क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ लोग खुलेआम अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं और स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह गतिविधियाँ समय के साथ बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन स्थानों का नाम स्थानीय लोग लेते हैं, वे हरिद्वार रोशनाबाद प्रशासनिक भवन से मात्र एक से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित बताए जाते हैं। यदि वास्तव में ऐसी गतिविधियाँ हो रही हैं, तो यह केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी का प्रश्न बन जाता है।
यह भी याद रखना आवश्यक है कि पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभाग तभी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैं जब उन्हें स्थानीय नागरिकों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो। अवैध गतिविधियों की जानकारी, साक्ष्य और शिकायतें समय पर संबंधित विभागों तक पहुँचाना समाज का भी दायित्व है। कानून का पालन केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न अभियान चलाए हैं। जनजागरूकता कार्यक्रम, नशा विरोधी अभियान और अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई के दावे समय-समय पर किए जाते रहे हैं। ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में आज भी अवैध शराब की उपलब्धता की शिकायतें उठ रही हैं, तो यह आवश्यक हो जाता है कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जाँच हो और वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जाए।
उत्तराखण्ड सरकार से रोशनाबाद क्षेत्र को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न भी है……….
यदि रोशनाबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार उठ रही हैं, तो इन शिकायतों की सत्यता की जाँच के लिए क्या विशेष अभियान चलाया जाएगा?,
नशामुक्त उत्तराखण्ड अभियान के अंतर्गत हरिद्वार जनपद में अब तक क्या ठोस उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं और उनका सार्वजनिक विवरण कब जारी किया जाएगा?,
प्रशासनिक भवन के आसपास स्थित संवेदनशील क्षेत्रों में नशे और अवैध शराब पर निगरानी के लिए कौन-सी विशेष रणनीति लागू की गई है?,
स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और सूचनाओं को प्रभावी कार्रवाई में बदलने के लिए सरकार क्या नई व्यवस्था लागू करने जा रही है?,
क्या सरकार रोशनाबाद, नवोदय नगर, पाल मार्केट और हेत्तमपुर जैसे क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता एवं सत्यापन अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखेगी?,
आज आवश्यकता किसी पर आरोप लगाने की नहीं, बल्कि तथ्यों की निष्पक्ष जाँच और समाज के सहयोग से नशे के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की है। यदि उत्तराखण्ड को वास्तव में नशामुक्त बनाना है, तो प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों को एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा। जनता अब उत्तर चाहती है कि नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प केवल घोषणाओं तक सीमित रहेगा या फिर धरातल पर भी दिखाई देगा।
