NEWS NATIONAL
हरिद्वार रुड़की / जनपद के रुड़की क्षेत्र में पुलिस द्वारा की गई हालिया छापेमारी ने एक बार फिर शहर में संचालित स्पा सेंटरों की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को कोतवाली रुड़की पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देश पर थाना क्षेत्र के 7 स्पा सेंटरों पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर सभी 7 स्पा सेंटर संचालकों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम के तहत चालान करते हुए कुल ₹3250 का जुर्माना वसूला गया तथा भविष्य में नियमों के पालन की सख्त चेतावनी दी गई।
हालांकि, इस पूरी कार्रवाई पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रेस नोट में न तो किसी भी स्पा सेंटर का नाम उजागर किया गया और न ही वहां पाई गई अनियमितताओं का स्पष्ट विवरण सामने रखा गया। इससे यह संदेह गहराता है कि कहीं यह पूरी कार्रवाई सिर्फ एक औपचारिकता बनकर तो नहीं रह गई।
स्थानीय सूत्रों और जानकारों के अनुसार, इन स्पा सेंटरों में सबसे गंभीर अनियमितता “क्रॉस मसाज” जैसी गतिविधियों की बताई जा रही है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि कई बार असामाजिक गतिविधियों और देह व्यापार से भी जुड़ी पाई जाती है। बावजूद इसके, इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट उल्लेख न किया जाना कई सवालों को जन्म देता है।
लोगों का मानना है कि यदि इस प्रकार की कार्रवाइयों में पारदर्शिता नहीं रखी गई और केवल छोटे जुर्माने लगाकर मामले को समाप्त किया जाता रहा, तो इसका दूरगामी प्रभाव बेहद चिंताजनक हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि 15 से 20 दिनों के भीतर यही स्पा सेंटर पुनः पूरी चमक-दमक के साथ खुल जाएंगे और पूर्व की तरह अनियमित गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी।
इस तरह की स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी प्रसारित करती है। युवाओं पर इसका दुष्प्रभाव पड़ने के साथ-साथ शहर की सामाजिक संरचना भी प्रभावित हो सकती है। यदि समय रहते इन गतिविधियों पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है।
