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नवोदय नगर रोशनबाद पुलिस लाइन के बराबर मे चलता अवैध बार, आखिर कौन लोग है जिनके संरक्षण मे चलाया जा रहा अवैध बार, और प्रशासन को दी जा रही चुनौती.

ByManish Kumar Pal

Jun 19, 2026

NEWS NATIONAL

रोशनाबाद नवोदय नगर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावों के बीच हरिद्वार का रोशनाबाद स्थित नवोदय नगर क्षेत्र एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। वर्षों से अवैध कारोबारों के कारण सुर्खियों में रहने वाला यह क्षेत्र अब कथित रूप से अवैध बार और शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों के कारण चर्चाओं में है, जिससे उत्तराखंड सरकार की नशामुक्ति मुहिम पर भी सवाल उठने लगे हैं।


बताया जाता है कि नवोदय नगर रोशनाबाद क्षेत्र में ऐसे कई होटल एवं प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जहां ग्राहकों को खुलेआम शराब परोसी जा रही है तथा कथित रूप से बिना वैध अनुमति के बार का संचालन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर यह गतिविधियां संचालित होने की बात कही जा रही है, वे पुलिस मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर तथा पुलिस लाइन रोशनाबाद के बिल्कुल समीप स्थित हैं।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किन प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा है और क्यों जिम्मेदार विभागों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि वास्तव में बिना अनुमति के बार संचालित किए जा रहे हैं तो यह न केवल आबकारी अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
उल्लेखनीय है कि नवोदय नगर रोशनाबाद क्षेत्र पूर्व में अवैध खनन, सरकारी भूमि पर कब्जों तथा अन्य विवादित गतिविधियों के कारण भी चर्चाओं में रहा है। ऐसे में अब अवैध शराब कारोबार के आरोप सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में शराब परोसी जाती है अथवा बार का संचालन किया जाता है, तो उसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक लाइसेंस एवं निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति के इस प्रकार की गतिविधियां संचालित होना गंभीर मामला माना जाता है और संबंधित विभागों को इसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस मुख्यालय और पुलिस लाइन के इतने निकट इस प्रकार की गतिविधियों के आरोप सामने आ रहे हैं, तो क्या यह प्रशासन के लिए सीधी चुनौती नहीं है? यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे प्रदेश सरकार की नशामुक्त उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार किया जा सके और कानून का राज कायम रह सके।

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