NEWS NATIONAL _Magazine & Paper
रोशनाबाद (हरिद्वार, उत्तराखंड।)
हरिद्वार जिले के रोशनाबाद क्षेत्र में रात के अँधेरे मे होने वाले कथित अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सामने आई तस्वीरों और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के अनुसार, नवोदय नगर और हेतमपुर नदी क्षेत्र में रात के समय जेसीबी, पोकलेन मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से खनन किए जाने की बात कही जा रही है। आरोप है कि यह गतिविधियां रात करीब 8 बजे से सुबह 4 बजे तक जारी रहती हैं।
स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, इस काम में रोजाना रात के समय 18 से 20 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासनिक भवन से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर अवैध खनन का मायाजाल चरम पर है,
सवाल ये भी है की आखिर खनन कर्ताओ के हौसले इस कदर बुलंद है तो क्यों है?. क्यों इन्हे निकट बैठे प्रसाशनिक अधिकारियों का भय नही? ओर प्रसाशन के इतने निकट इन्हे अवैध खनन के लिये संरक्षण दे कौन रहा है? क्यों किसी भी अधिकारी की गाडी की हर गतिविधि के बारे मे इन्हे पहले ही कैसे सूचना पहुँच जाती है, ओर फिर ज़ब हर क्षेत्र मे राजस्व हानि की रोकथाम के लिये एंटी माइनिंग थीम बनाई गई है, तो वो टाइम क्या कर रही है,.?. या फिर जानबूझकर कुछ करना नही चाहती?. ऐसे बहुत से सवाल खडे होना लाजमी है,
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि यदि नदी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? प्रशासनिक भवन से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर अवैध खनन का बड़ा खेल चल रहा है। ऐसे में खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
