NEWS NATIONAL
हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र में हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक के माध्यम से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध का ऐलान किया है। कई नेताओं की ओर से पुलिस कप्तान से लेकर थाना प्रभारी तक को हटाने की मांग की जा रही है।
मामले को लेकर अब बजरंग दल ने 10 अक्टूबर को हरिद्वार में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन की ओर से प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों का पुतला दहन किए जाने की भी बात सामने आ रही है। आंदोलन को लेकर हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार अपीलें की जा रही हैं।
हिंदूवादी नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने मामले में मनमाने तरीके से कार्रवाई करते हुए आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए, जबकि जिन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता शिकायत और कार्रवाई की मांग कर रहे थे, उन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं।
क्षेत्र मे देहव्यापार को लेकर उठाए जा रहे गंभीर सवाल,
हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि सिडकुल क्षेत्र में देहव्यापार की लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। संगठन का आरोप है कि कुछ स्थानों पर कथित अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें पिछले काफी समय से मील रही हैं। इन्हीं शिकायतों और कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं की ओर से आवाज उठाई गई हैं जो अब एक मुहीम का रूप ले चुकी हैं ।
हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में नशे और कथित देह व्यापार जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि नशे का बढ़ता प्रभाव युवाओं और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है, वहीं कथित देह व्यापार जैसी गतिविधियों को भी सामाजिक व्यवस्था के लिए खतरा माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्र में कथित रूप से चल रही ऐसी गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। उनका दावा है कि जब तक नशे और कथित देह व्यापार जैसी गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अभियान जारी रखा जाएगा।
सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन की तैयारी
आंदोलन को लेकर हिंदूवादी नेताओं की ओर से लगातार अपने फेसबुक पेजों पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की जा रही है। विभाग मंत्री भूपेंद्र सैनी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
सोशल मीडिया पर जारी संदेशों में पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
15 अक्टूबर को देहरादून में आंदोलन का ऐलान
बजरंग दल की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने 15 अक्टूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का भी ऐलान किया है।
अब देखना यह होगा कि 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है और हिंदूवादी संगठनों की ओर से उठाए जा रहे आरोपों एवं मांगों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
