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रोशनाबाद और नवोदय नगर क्षेत्र की नदियों में इस समय अवैध खनन का धंधा जोर पकड़ चूका है जो रात के अंधेरे में खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात से लेकर सुबह 5 बजे तक दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी क्षेत्र में उतरकर अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं,जिससे यह भी साफ ओर स्पस्ट हो जाता है की अवैध खनन को अंजाम देने वालों के हौसले वाकई बुलंदियों पर है राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात होते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और बिना किसी डर के मशीनों और वाहनों के जरिए नदी से खनिज सामग्री निकाली जा रही है।
जब उत्तराखंड सरकार अवैध खनन पर रोक का दावा कर रही है, तो फिर प्रसाशनिक भवन से चंद कदमो की दूरी पर आखिर किसके संरक्षण मे ये अवैध खनन का बदस्तूर चल रहा है, क्यों उत्तराखण्ड सरकार के अरमानो ओर दावो पर उन्ही के अधिकारी पानी फेर रहे है, क्यों उत्तराखण्ड सरकार कों झूठा साबित किया जा रहा है,या फिर खनन विभाग के इशारे पर यहाँ अवैध खनन कों अंजाम दिया जा रहा है,
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे अवैध खनन के बावजूद खनन विभाग और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां आखिर मौन क्यों हैं? स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे खनन माफिया के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए,
रात्रि 8 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक यानि 9 से 10 घंटे इस क्षेत्र मे बड़े स्तर पर एक ऐसा अवैध खनन जारी है जो आज पुरे उत्तराखण्ड मे जाना जाता है, बावजूद इसके आज तक इस अवैध खनन पर कोई बड़ी कार्यवाही खनन विभाग की ओर से नही की गई है, दुर्भाग्य ये है की जिस क्षेत्र मे ये अवैध खनन आज उत्तराखण्ड सरकार ओर खनन के नियमों की किरकिरी कर रहा है वो क्षेत्र प्रसाशनिक भवन से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है, जिससे यह भी साफ हो जाता है की ज़ब प्रसाशन के इतने निकट अवैध खनन का बदस्तूर आज राजस्व विभाग ओर खनन विभाग की पोल खोल रहा है, तो हरिद्वार जिले के दूर दराज क्षेत्रों मे क्या आलम हो सकता है उसका अंदाजा लगाना कठिन नही है,
