NEWS NATIONAL
हरिद्वार, 09 सितम्बर 2026। कुंभ-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में चल रहे विकास कार्यों को लेकर जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने सवाल उठाए हैं। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भण्डारी ने आरोप लगाया कि शहर में विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन में समन्वय की कमी के कारण एक ऐसा मॉडल सामने आ रहा है, जिसमें पहले निर्माण किया जाता है, उसके बाद आपत्ति या तकनीकी समस्या के नाम पर उसे तोड़ा जाता है और फिर दोबारा निर्माण कराया जाता है।
हेमा भण्डारी ने कहा कि विकास कार्यों पर सवाल उठाना विकास का विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कुंभ-2027 हरिद्वार के लिए ऐतिहासिक अवसर है और इसका इस्तेमाल शहर को लंबे समय के लिए बेहतर बनाने में होना चाहिए। यदि आज बनाए गए निर्माण को कल तोड़कर दोबारा बनाना पड़े, तो यह योजनाबद्ध विकास के बजाय सरकारी धन के दोहराव और बर्बादी का कारण बन सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण के बाद सीवरेज अथवा अन्य कार्यों के लिए सड़कें खोदी जाती हैं, वहीं फुटपाथ और अन्य निर्माण कार्यों को भी बाद में ड्रेनेज या दूसरी आवश्यकताओं के चलते प्रभावित होना पड़ता है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होने से पहले डीपीआर, स्थल की वास्तविक स्थिति, ड्रेनेज व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की पर्याप्त जांच क्यों नहीं की जाती?
हेमा भण्डारी ने कहा कि हरिद्वार की जनता यह जानना चाहती है कि कुंभ के नाम पर ऐसा विकास हो जिससे शहर को स्थायी लाभ मिले या ऐसा निर्माण, जिसे कुछ समय बाद फिर तोड़ना पड़े। उन्होंने कहा कि कुंभ कोई प्रयोगशाला नहीं है और हरिद्वार को किसी भी तरह के ‘ट्रायल रन’ का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए।
जन अधिकार पार्टी जनशक्ति ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
पार्टी ने कुंभ-2027 के तहत हो रहे कार्यों को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी कार्यों का थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट कराना और पहले बनाए गए तथा बाद में तोड़े गए कार्यों की सूची सार्वजनिक करना शामिल है।
इसके अलावा पार्टी ने मांग की है कि बड़े निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों की राय ली जाए तथा जमीन की वास्तविक स्थिति, ड्रेनेज और ट्रैफिक व्यवस्था का तकनीकी अध्ययन कराया जाए।
तीसरी मांग के तहत पार्टी ने प्रत्येक परियोजना की कुल लागत, री-वर्क पर खर्च हुई राशि और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
हेमा भण्डारी ने कहा, “कुंभ आने वाला है, हरिद्वार कोई ट्रायल रन नहीं है। हम विकास के खिलाफ नहीं, विनाश के खिलाफ हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित ‘रीवर्क मॉडल’ पर रोक नहीं लगाई गई तो जन अधिकार पार्टी जनशक्ति आंदोलन का रास्ता अपनाएगी और जनता के पैसे का हिसाब मांगते हुए सड़कों पर उतरेगी।
