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रोशनाबाद क्षेत्र मे बहुत तेजी से बढ़ रहे है झोलाछाफ डॉक्टर ओर अवैध मेडिकल व क्लिनिक, स्वास्थ्य विभाग मौन क्यों? क्यों नही हो रही कार्यवाही?

ByManish Kumar Pal

Mar 7, 2025

NEWS NATIONAL

रोशनाबाद क्षेत्र जोकि स्वास्थ्य विभाग के बिलकुल बगल मे है याँ यूँ कहें की रोशनाबाद क्षेत्र मे ही स्वास्थ्य विभाग का मुख्य कार्यालय स्थित है, बावजूद इसके इस क्षेत्र मे बहुत तेजी से झोलाछाफ डॉक्टर बढ़ते चले जा रहे है, जिस पर निकट बैठे प्रसाशन का कोई अंकुश नजर नही आ रहा, हर गली मोहल्ले मे अयोग्य व अशिक्षित लोग स्वयं क़ो डॉक्टर बताकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है,
रोशनाबाद, हेत्तमपुर, आनेकी, बृहमपुरी, रावली महदूद ये कुछ ऐसे ग्रामीण क्षेत्र है जो स्वास्थ्य विभाग की जड़ मे बसे है बावजूद इसके यहाँ धड़ल्ले से झोलाछाफ डॉक्टर अपने अड्डे चला रहे है,

लगातार इस क्षेत्र की बिगड़ी व्यवस्था पर लिखकर स्वास्थ्य विभाग क़ो जगाने का प्रयास भी किया जा रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग है की अपनी कुर्सी से हिलने क़ो तैयार नही,
जबकि इस क्षेत्र मे इन झोलाछाफ डॉक्टरों के हाथों कोई ना कोई अप्रिय घटना घटती रहती है, अभी कुछ समय पहले रोशनाबाद शिवम विहार कॉलोनी मे स्तिथ रोशनाबाद हैल्थ केयर नामक क्लिनिक क़ो चलाने वाले दो डॉक्टरों द्वारा एक गर्भवती महिला का गलत तरीके से गर्भपात कर दिया गया था, ओर महिला की तङप तङप कर जान चली गई थी जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने इस अवैध क्लिनिक मे खूब तोड़फोड़ मचाई थी, मामला बेकाबू होते देख दोनों डॉक्टरो क़ो अपने स्टाफ के साथ जान बचाकर भागना पड़ा था, लेकिन दुर्भाग्य की दोनों डॉक्टर इस बड़े काण्ड के बाद भी बच निकले, ओर परिणाम ये निकला की इन दोनों डॉक्टरों ने बढ़ते होसलो के साथ निकट ही नवोदय नगर मे इस क्लिनिक क़ो शिफ्ट कर दिया ओर मामला ठंडा होने के बाद अब दोबारा शिवम विहार कॉलोनी मे ही मौत के इस अड्डे क़ो फिर से चालू कर वही अवैध गतिविधियां चालू कर दी गई,जबकि ये कोई पहला ओर आख़री मामला नही है,

आज रोशनाबाद की ऐसी स्तिथि हो चुकी है की यहाँ मुख्यमंत्री की 2025 की नशामुक्त मुहीम क़ो खुली चुनौती दी जा रही है, जिस प्रकार मेडिकल स्टोरों ओर झोलाछाफ डॉक्टरों के अड्डों पर गुप्त रूप से नशे के इंजेक्शन व केप्सूल बिकते है, उससे ये तो साफ हो जाता है की राज्य मे चल रही 2025 नशामुक्त मुहीम कहीं से कहीं पूरी नही हो रही, साथ ही ये भी स्पस्ट हो जाता है की मुख्यमंत्री की इस मुहीम पर उन्ही का स्वास्थ्य विभाग बट्टा लगा रहा है, जिसका जिम्मेदार सिर्फ स्वास्थ्य विभाग नजर आ रहा है,

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