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हरिद्वार जिला प्रशासन के सबसे निकट का गाँव रोशनाबाद गुजर रहा बदहाली से, दो मुख्य मार्गों में से गाँव को जोड़ने वाला एक पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त… आखिर कौन लेगा संज्ञान?

ByManish Kumar Pal

Sep 16, 2025

NEWS NATIONAL

हरिद्वार, 16 सितम्बर।
हरिद्वार जिला मुख्यालय से महज कुछ ही दूरी पर स्थित रोशनाबाद गाँव इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाली का शिकार है। जिले के प्रशासनिक तंत्र और बड़े-बड़े सरकारी दफ्तरों के बिल्कुल नज़दीक होने के बावजूद यहाँ के हालात यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीण समस्याओं पर कब ध्यान देंगे?
गाँव को हरिद्वार शहर से जोड़ने वाले दो प्रमुख मार्गों में से एक पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। टूटे और जर्जर हालात में यह पुल ग्रामीणों के लिए मौत का दरवाज़ा साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि रोज़ाना हजारों लोग, बच्चे और बुज़ुर्ग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में तो हालात और भी भयावह हो चुके हैं।

ग्रामीणों का दर्द
ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत के लिए वे कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर रोज़ डर के साए में चलना पड़ता है। वहीं, आपात स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य वाहनों का पहुँचना मुश्किल हो गया है।

विकास की तस्वीर पर सवाल
रोशनाबाद गाँव की पहचान लंबे समय से विकासशील क्षेत्र के रूप में की जाती रही है, लेकिन आज यहाँ टूटी सड़कें, जलभराव और क्षतिग्रस्त पुल प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह गाँव ओद्योगिक क्षेत्र सिडकुल,जिला प्रशासन और पुलिस लाइन जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के ठीक बगल में है। बावजूद इसके ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।जो राज्य सरकार ओर ग्राम पंचायत पर भी सैकड़ो सवाल खडे कर रहा है,

अब मुख्य सवाल की प्रशासन कब लेगा संज्ञान?
अब बड़ा सवाल यह है कि हरिद्वार जिला प्रशासन आखिर कब जागेगा? क्या प्रशासन ग्रामीणों के दुःख-दर्द को सुनेगा और इस जर्जर पुल की मरम्मत कराएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?ऐसे मे अगर इस क्षतिग्रस्त पुल पर कोई अप्रिय घटना घट जाती है, या जान माल की हानि हो जाती है तो उसका जिम्मेदार होगा कौन..?

यह खबर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों के लिए आईना भी है कि जिला मुख्यालय के सबसे नज़दीकी गाँव रोशनाबाद की ऐसी हालत क्यों?. क्यों ये गाँव सरकार से मिलने वाली पंचायती योजनाओ से हमेशा वँचित चला आ रहा है,..?. क्यों यहाँ किसी का ध्यान नही?क्या प्रशासन ग्रामीणों की ज़िंदगी से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर समय से कदम उठाएगा?

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