• Wed. Jul 8th, 2026

23 करोड़ के टैक्स बकाया को 50 लाख में निपटाने की 1.5 करोड़ की डील,GST अफसर प्रभा भंडारी पर और कसेगा शिकंजा, पुरानी फाइलें खंगालने की तैयारी 

ByManish Kumar Pal

Jan 5, 2026

NEWS NATIONAL

सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर व आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी और उनके करीबी अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद अब विभागीय कार्रवाई और तेज हो गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद प्रभा भंडारी को निलंबित कर दिया गया है, वहीं अब उनकी पूर्व में निपटाई गई टैक्स मामलों की फाइलें भी दोबारा खोली जा रही हैं।
जांच में सामने आया है कि एक फर्म पर करीब 23 करोड़ रुपये का टैक्स, ब्याज और जुर्माना बकाया था, जिसे मात्र 50 लाख रुपये में निपटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत डील की गई थी। यदि यह सौदा सफल होता, तो सरकारी राजस्व को सीधे 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान होता।
कैसे रची गई करोड़ों की सौदेबाजी
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान करोड़ों की कर चोरी सामने आने के बाद अधिकारियों और कारोबारी के बीच डीलिंग शुरू हुई। नियमों के मुताबिक कारोबारी से टैक्स के साथ 50 प्रतिशत जुर्माना और पांच साल का ब्याज वसूला जाना था, जिससे कुल राशि करीब 23 करोड़ रुपये पहुंचती थी।
इस भारी भरकम राशि से बचने के लिए कारोबारी ने अपने वकील नरेश के माध्यम से संपर्क साधा। वकील ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा से बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने टैक्स राशि कम कराने के बदले पहले दो करोड़ रुपये की मांग की, जो बाद में 1.5 करोड़ रुपये पर तय हुई।
विजिलेंस की भनक, जांच एजेंसियां सक्रिय
इस भ्रष्टाचार की भनक विजिलेंस और केंद्रीय जांच एजेंसियों को लग गई। प्राथमिक जांच में ठोस साक्ष्य मिलने के बाद प्रभा भंडारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ बिचौलिए और विभाग के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
जीरो टॉलरेंस नीति: संपत्ति और पुराने मामलों की जांच
शासन के निर्देश पर अब प्रभा भंडारी की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और हाल के वर्षों में उनके द्वारा निपटाए गए टैक्स मामलों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की संदिग्ध डील की गई थीं।
इस तरह सामने आया पूरा मामला
18 दिसंबर को सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में केंद्रीय जीएसटी टीम ने झांसी के झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर और जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। कार्रवाई में भारी अनियमितताएं मिलीं और माल के साथ करोड़ों रुपये के फर्जी बिल जब्त किए गए।
जांच में सामने आया कि दोनों फर्मों द्वारा 13 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई थी, जबकि ब्याज और जुर्माने समेत कुल देय राशि करीब 23 करोड़ रुपये बनती थी। यहीं से अफसरों और कारोबारी के बीच डीलिंग की पटकथा लिखी गई।
तीनों अधिकारियों ने मिलकर 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर टैक्स राशि को घटाकर 50 लाख रुपये करने की योजना बनाई। लेकिन इससे पहले ही सीबीआई ने 30 दिसंबर को कार्रवाई करते हुए सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राज मंगनानी और वकील नरेश को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।

Related Post

हरिद्वार पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार,50 हजार रुपये के जाली नोट, लैपटॉप, दो प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद, दो दिन पहले पकड़े गए 52,500 रुपये के नकली नोटों के मामले में मिली बड़ी सफलता,
नवोदय नगर रोशनबाद पुलिस लाइन के बराबर मे चलता अवैध बार, आखिर कौन लोग है जिनके संरक्षण मे चलाया जा रहा अवैध बार, और प्रशासन को दी जा रही चुनौती.
धर्मनगरी में चोरों के हौसले बुलंद, वरिष्ठ पत्रकार की बाइक चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात,पुलिस ने दिया आस्वासन चोर जल्द होगा पुलिस गिरफ्त मे,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed