NEWS NATIONAL
प्रशासनिक कार्यालयों और अधिकारियों के आवासों के नजदीक उठ रहे गंभीर सवाल, आखिर हरिद्वार प्रसाशन की जड़ मे कैसे हो रहा अवैध खनन का खेल, कार्यवाही क्यों नही?. अवैध खनन पर लगाम क्यों नही?.. आखिर किसका हैं संरक्षण?
रोशनाबाद।
रोशनाबाद के नवोदय नगर और हेत्तमपुर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली नदी में रात के अंधेरे में कथित अवैध खनन का मामला एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात नदी क्षेत्र में ट्रैक्टरों और मशीनों की आवाजाही लगातार बनी हुई है और बड़ी मात्रा में खनन सामग्री निकाले जाने का सिलसिला चल रहा है।
स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के अनुसार, रात के समय करीब 18 से 20 ट्रैक्टर और खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनें नदी क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देती हैं। यदि यह जानकारी सही है तो इतने बड़े पैमाने पर वाहनों और मशीनों की आवाजाही बिना संबंधित विभागों की जानकारी के कैसे संभव हो रही है, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है।
प्रशासनिक तंत्र की मौजूदगी के बावजूद सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस क्षेत्र में यह गतिविधियां होने का आरोप लगाया जा रहा है, उसके आसपास ही प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि रात के समय लगातार भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है?
लोगों का कहना है कि नदी क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और यह पता लगाया जाए कि वहां से खनन सामग्री निकालने के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति या पट्टा मौजूद है अथवा नहीं।
मिलीभगत के आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच
स्थानीय स्तर पर खनन विभाग के कुछ अधिकारियों और कथित खनन गतिविधियों के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
यदि खनन वैध है तो संबंधित विभाग को अनुमति, पट्टा और निर्धारित क्षेत्र की जानकारी सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि बिना अनुमति खनन किया जा रहा है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
रात के अंधेरे में कौन कर रहा है खनन?
नवोदय नगर, हेत्तमपुर और आसपास के नदी क्षेत्र में रात के समय भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही का दावा सिर्फ खनन विभाग ही नहीं, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि रात के समय नदी क्षेत्र में औचक निरीक्षण कराया जाए, संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए और आवश्यकता पड़ने पर मौके की वीडियोग्राफी कराकर वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए।
