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रोशनाबाद / वैध भारतीय सिक्कों को लेकर ग्राहकों की परेशानी का मामला आया सामने, डिलीवरी मैन के कथित जवाब ने खड़े किए सवाल; जिम्मेदार अधिकारियों से जरूर होगी जांच की मांग,
रोशनाबाद, हरिद्वार। देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ नकद लेनदेन भी आज आम जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारतीय मुद्रा में जारी वैध सिक्कों का इस्तेमाल रोजमर्रा की खरीदारी में किया जाता है, लेकिन ग्राम रोशनाबाद में Blinkit की डिलीवरी सेवा को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, रोशनाबाद स्थित Blinkit स्टोर से सामान की डिलीवरी करने वाले कुछ डिलीवरी मैन पर आरोप है कि जब वे ग्राहकों के घर सामान पहुंचाते हैं और ग्राहक बिल का भुगतान सिक्कों के माध्यम से करना चाहते हैं, तो वे सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं। कथित तौर पर इसके पीछे यह तर्क दिया जाता है कि Blinkit कंपनी ने सिक्के स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
यदि यह आरोप सही है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर किसी कंपनी के कथित आंतरिक नियम के आधार पर भारतीय मुद्रा में जारी वैध सिक्कों को स्वीकार करने से कैसे इनकार किया जा सकता है? क्या किसी निजी कंपनी के नियम देश के लागू कानूनों से ऊपर हो सकते हैं?
RBI के नियमों को लेकर उठे सवाल, आखिर क्यों नही मानती ये कम्पनी आर बी आई के नियम,
भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय मुद्रा से संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित शर्तों पर जारी वैध सिक्कों को कानूनी मान्यता प्राप्त है। विशेष रूप से ₹10 के सिक्कों को लेकर समय-समय पर फैली भ्रांतियों पर RBI स्पष्टीकरण भी जारी कर चुका है।
हालांकि, किसी विशेष लेनदेन में सिक्के स्वीकार करने की कानूनी बाध्यता का निर्धारण सिक्कों की वैधता, लागू कानून और संबंधित परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि रोशनाबाद में ग्राहकों को सिक्के स्वीकार न करने का कथित निर्देश वास्तव में कंपनी की ओर से दिया गया है या यह किसी डिलीवरी मैन का व्यक्तिगत निर्णय है।
सवाल सिर्फ कुछ सिक्कों का नहीं, बल्कि आम ग्राहकों के अधिकारों और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता का भी है। यदि कोई ग्राहक निर्धारित बिल का भुगतान वैध भारतीय सिक्कों में करना चाहता है और उसे केवल कंपनी के कथित नियम का हवाला देकर मना कर दिया जाता है, तो उसे स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि ऐसा किस आधार पर किया जा रहा है।
इस मामले में Blinkit प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि क्या कंपनी की कोई आधिकारिक नीति सिक्कों को स्वीकार करने से रोकती है।
अधिकारियों से जांच और कंपनी से जवाब की होगी मांग,
रोशनाबाद के इस कथित मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को यह पता लगाना चाहिए कि ग्राहकों को सिक्के स्वीकार न करने की हिदायत दी जा रही है या नहीं। वहीं, Blinkit प्रबंधन को भी सामने आकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, ताकि ग्राहकों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या Blinkit प्रबंधन इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देगा? यदि कंपनी की ओर से वास्तव में ऐसा कोई निर्देश जारी किया गया है, तो उसकी वैधता की जांच होनी चाहिए। वहीं, यदि यह डिलीवरी मैन का व्यक्तिगत निर्णय है, तो कंपनी को ग्राहकों की शिकायत का समाधान करना चाहिए।
फिलहाल, मामले में कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
