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मसाज पार्लरों कि आढ़ मे चलते हाई प्रोफ़ाइल सैक्स रैकेट,थेरेपिस्ट के रूप मे काम करने वाली 95% महिलायें जुडी है देहव्यापार से,देवभूमि को कलंकित करता देहव्यापार,सभी महिलायें पुरुष बाहरी राज्यों के निवासी,

ByManish Kumar Pal

Apr 16, 2024

News / News National

UTTRAKHAND / एक ऐसा काला कारोबार जिसने देश भर के कईं राज्यों को आज अपने मजबूत नेटवर्क मे जकड़ लिया है वो चाहे देश कि राजधानी दिल्ली हो या फिर देवभूमि उत्तराखण्ड, हर जगह तेजी से मसाज पार्लरों का नेटवर्क एक बड़े रूप मे काम कर रहा है, वास्तव मे इनकी हकीकत क्या है वो किसी से छुपी नही है, स्पा सेंटेंरों को अगर कोठे कहा जाये तो शत प्रतिशत सही कथन होगा, क्योंकि अगर इन स्पा सेंटेंरों कि ईमानदारी से बड़े स्तर पर न्यायिक जाँच हो जाये, एक ऐसी जाँच जिसमे लैब, मेडिकल,नेटवर्क कम्युनिकेशन सबको शामिल किया जाये, तो मसाज पार्लरों के नाम पर चलने वाले जिश्म फरोशी के इस धंधे मे चींटी से लेकर हाथी तक शामिल सब लोग कानून कि गिरफ्त मे होंगे,

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आखिर कैसे पहुँचते है ग्राहक इन मसाज पार्लरों मे,

स्पा सेंटरो के बाहर टंगे रंगीन पोस्टर या फ्लेक्स जिन्हे देखकर ही मसाज कराने वाले रिसेप्शन काउंटर पर पहुंचते हैं। सामने से महिला या पुरुष जो भी हो, वह ग्राहक का स्वागत करता है। पीने का पानी दिया जाता है। इसके बाद पूछा जाता हैं, बताएं सर कैसा मसाज लेंगे। थाई, स्वीडिश, डिप टिश्यू और ट्रिगर प्वाइंट आदि दर्जनभर मसाज का विकल्प दिया जाता है।जिसमे से ग्राहक कोई एक विकल्प चुन लेता है,ओपचारिकता के नाम पर बकायता एक रेट कार्ड आपको दिया जाएगा जिसमे आधे घंटे से एक घंटे कि मसाज और उनका रेट भी लिखा होगा, जो आपको काउंटर पर जमा करना होगा,

उसके बाद किस लड़की या महिला से मसाज कराना है, यह विकल्प भी भी दिया जाता हैं।तय करने के बाद ग्राहक रूम में पहुंच जाता है।और महिला से क्रॉस मसाज लेता है,करीब तीस मिनट बाद मसाज गर्ल्स कुछ कहती है, वो शब्द होते है कि सर क्या एक्स्ट्रा सर्विस लेंगे? जी हां, यही वे शब्द हैं।जिनका ग्राहक बेसब्री से इन्तजार करता है और जिसके बाद स्पा कि असली काली कमाई शुरू होती है,

उत्तराखंड और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थित कईं स्पा सेंटरों में की गई बातचीत के सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, मसाज गर्ल्स एक्स्ट्रा सर्विस के कई रेट ग्राहक के सामने रखती है,स्पा सेंटर पर काम करने वाली गर्ल्स नाम न खुलने कि शर्त पर बताती है कि आमतौर से ग्राहक को एक्स्ट्रा सर्विस के दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक बताए जाते हैं।

इसमें सौदेबाजी भी होती है। कई बार यह भी होता है कि मसाज का समय पूरा होने के बाद ग्राहक तय राशि देने से मना कर देता है, इसलिए हम एक्स्ट्रा सर्विस से पहले ही रुपये ले लेते हैं। एक स्पा सेंटर में काम करने वाली स्पा गर्ल कहती है कि शादीशुदा महिलाएं भी एक्स्ट्रा सर्विस के लिए आगे आ रही हैं। हालांकि अब हर ग्राहक एक्स्ट्रा सर्विस के लिये ही मसाज पार्लरों मे पहुँचता है, जिसे प्रोफ़ेसनल थेरेपी ही चाहिए वह स्पा क्यों आएगा वह तो हॉस्पिटल जाएगा जहाँ 500 से 1000 तक अच्छा ट्रीटमेंट लेकर घर जाएगा,

पढ़ने लिखने वाले छात्रों और युवाओं के भविष्य का हो रहा विनाश,

दुर्भाग्य ये है कि जैसे जैसे देश के हर क्षेत्र मे स्पा सेंटेंरों के उदघाटन हो रहे है वैसे वैसे कालेज-यूनिवर्सिटी वाले स्टूडेंट की इनमे भरमार होने लगी है। जो अंदर पहुँचते ही च्वाइस की बात करते हैं,उनके सामने कई लड़कियों कों खड़ा कर दिया जाता है। जिसे ग्राहक फाइनल करता है,और एक कमरे मे जाकर कपड़े बदल लेता है जिसके बाद वह लड़की भी रूम में पहुंच जाती है।

काम अवैध और लड़कियों महिलाओं के नाम नकली, जानिये क्यों होता है ऐसा,

अधिकांश लड़कियां अपना नाम बदलकर इस धंधे में आती हैं। चूंकि सभी मसाज गर्ल्स घर पर या परिचितों को यही बताती है कि वह किसी दफ्तर में काम करती है।कुछ लड़कियां ब्यूटीपार्लर का नाम लेती हैं तो कुछ शॉप पर काम करने का बहाना रखती है,स्पा सेंटर पर काम करना जोकि एक राज ही रहता है।मजे कि बात तो ये है कि जॉब लेने से पहले यहाँ भी साक्षात्कार होता है। स्पा सेंटर मालिक साफ कर देता है कि ग्राहक नाराज होकर बाहर नही जाना चाहिए,यानि अगर कोई लड़की फुल एक्स्ट्रा सर्विस नहीं करेगी तो उसकी जॉब खटाई में पड़ जाती है। आजकल नई लड़कियां ही इस धंधे में ज्यादा आ रही हैं। अगर किसी मसाज गर्ल्स से कोई ग्राहक खुश होता है तो वह अगली बार रिसेप्शन पर उसी से मसाज लेने की बात कहता है।

गुप जानकारी के अनुसार पहले लड़कियों को सेलरी मिलती थी। प्रतिमाह 10-15 हजार रुपये दिए जाते थे। अब वह सब बंद हो गया है। रिसेप्शन पर ग्राहक से 1-2 हजार रुपये लेकर उन्हें रुम में भेज दिया जाता है। मसाज गर्ल्स को अंदर ही सेटिंग करनी होती है।वह लड़की पर निर्भर करता है कि वह ग्राहक कों देने वाली एक्स्ट्रा सर्विस के बाद उससे कितनी मोटी रकम वसूल सकती है या सौदा तय कर सकती है,अगर कोई ग्राहक किसी भी तरह की कोई एक्स्टा सर्विस नहीं लेता है तो वह पांच सौ रुपये की टिप तो दे ही देता है। आजकल केवल मसाज कराने वाले लोग गिनती के ही बचे हैं।यहाँ आने वाले हर ग्राहक को एक्स्ट्रा सर्विस ही चाहिए। ऐसे में एक ग्राहक से यहाँ कम से कम दो हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक ले लेती हैं।

देवभूमि उत्तराखण्ड कि क्या है स्तिथि?

देवभूमि उत्तराखंड के ऐसे बहुत से क्षेत्र है जहाँ स्पा के नाम पर देहव्यापार को अंजाम देकर समाज और कानून कि नजरो मे धूल झोंकने का काम किया जा रहा है, जनपद हरिद्वार के बहादराबाद व रुड़की क्षेत्र मे भी अब मसाज के नाम पर जिश्म फरोशी को अंजाम दिया जा रहा है, जो बड़े स्तर पर जाँच का एक विषय बन चूका है, रुड़की मे ऐसे बहुत से मसाज पार्लर है जहाँ धड़ल्ले से जिश्म फरोशी को अंजाम दिया जा रहा है, इतना ही नही इनमे काम करने वाली अधिकतर महिलायें व पुरुष हाई प्रोफ़ाइल सैक्स रैकेट से जुड़े है याँ स्वयं चला रहे है, अभी कुछ समय पहले ज़ब पुलिस प्रसाशन द्वारा कार्यवाही कि गई तो अधिकतर स्पा सेंटर संचालक भाग खडे हुए थे, लेकिन आज फिर से इन स्पा सेंटेंरों मे मसाज के नाम पर देहव्यापर का खुला तांडव मच रहा है,

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